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गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में बनने वाली गांठके कà¥à¤¯à¤¾ हैं कारण और खानपान के जरिठकैसे कर सकते हैं बचाव
महिलाओं में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में गांठों की समसà¥à¤¯à¤¾ आजकल बहà¥à¤¤ तेजी से फैलती नजर आ रही है। इसे रसौली नाम से à¤à¥€ बहà¥à¤¤ से लोग जानते हैं। रसौली की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में यह बहà¥à¤¤ ही छोटे दाने के रूप में रहती है और धीरे-धीरे इसका आकार बढ़ता जाता है। बहà¥à¤¤ बार महिलाà¤à¤‚ इस बीमारी के बारे में किसी से बात नहीं करती है और बहà¥à¤¤ सी तकलीफों को सहन करती हैं। लेकिन इन गांठों को नजरअंदाज करना बहà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¥€ पड़ सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकता है। आइठजानें इन गांठों के कारण और बचाव।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में गांठबनने के कारण
रसौली बनने के बहà¥à¤¤ से कारण हो सकते हैं। इनमें à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में बनना या फिर कोई आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक कारण हो सकता है। बहà¥à¤¤ बार महिलाओं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ली जानी वाली गरà¥à¤ निरोधक गोलियों के कारण à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में गांठे बनने लगती हैं। इसके अलावा मोटापा, खानपान का सही न होना, पीरियडà¥à¤¸ सही समय पर न होना या फिर 40 के बाद मेनोपॉज की वजह से à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ का सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ बढ़ जाता है।
रसौली होने के लकà¥à¤·à¤£
मासिक धरà¥à¤® में à¤à¤¾à¤°à¥€ रकà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ, अनियमित मासिक चकà¥à¤°, पेट के नीचे हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦, पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ पारà¥à¤Ÿ से खून आना, à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾, कमजोरी महसूस होना। इसके साथ ही अगर पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ पारà¥à¤Ÿ से बदबूदार डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ या पेशाब रà¥à¤•-रà¥à¤•कर आना शामिल है। अगर शरीर में इस तरह के लकà¥à¤·à¤£ दिखें तो फिर रसौली के संकेत हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में गांठसे बांà¤à¤ªà¤¨ का खतरा
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में गांठकी वजह से अंडाण और शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ का निषेचन नहीं होने के कारण बांà¤à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक रूप से होने वाला मोटापा à¤à¥€ इसका à¤à¤• कारण है।
कैसे करें बचाव
अपने खानपान को सही रखकर, पानी पीने और à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ को दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में शामिल करके महिलाà¤à¤‚ इस समसà¥à¤¯à¤¾ से बच सकती हैं। साथ ही योग का à¤à¥€ बहà¥à¤¤ फायदा होता है। खाने में इन चीजों का सेवन करने से गांठों से बचाव हो सकता है।
आंवला
à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र आंवला रसौली का à¤à¤• बेहतरीन उपचार है। इसके लिठà¤à¤• टीसà¥à¤ªà¥‚न आंवला पाउडर और à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद को मिलाकर सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट खाने से फायदा होगा।
गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी का सेवन
इसमें मौजूद à¤à¤ªà¥€à¤—ेलोकैटेचिन गैलेट नामक ततà¥à¤µ रसौली की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है इसलिठआप à¤à¥€ रोजाना 2 से 3 कप गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी पिà¤à¤‚।
हलà¥à¤¦à¥€
हलà¥à¤¦à¥€ में मौजूद à¤à¤‚टीबॉयोटिक गà¥à¤£ शरीर से विषैले ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को बाहर निकालने में मदद करते हैं। साथ ही इससे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¥à¤¯ कैंसर का खतरा à¤à¥€ कम होता है।
लहसà¥à¤¨
रसौली की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर खाली पेट रोज 1 लहसà¥à¤¨ का सेवन करें। लगातार 2 महीने तक इसका सेवन इस समसà¥à¤¯à¤¾ को जड़ से खतà¥à¤® कर देता है।
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